आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार के बजट को देश के आम नागरिकों, किसानों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के साथ अन्यायपूर्ण बताया है।
जगदलपुर। आम आदमी पार्टी की नरेंद्र नाग और नेता समीर खान ने संयुक्त बयान में कहा कि यह बजट केवल चुनावी वादों और आंकड़ों तक सीमित है, जबकि देश की वास्तविक समस्याओं—महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली—पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है और कृषि प्रधान प्रदेश होने के बावजूद बजट में न तो किसानों के लिए राहत है, न ही मजदूर वर्ग के लिए कोई मजबूत योजना। खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बजट में इन पर नियंत्रण के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती।
आम आदमी पार्टी का मानना है कि आज़ादी के बाद से एक बड़ा वर्ग—आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज—सरकारी बजटों से वंचित रहा है। यह बजट भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाता हुआ दिखाई देता है।
पार्टी ने मांग की है कि आने वाले समय में ऐसा बजट पेश किया जाए जो देश के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने वाला हो, किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले, एमएसपी को कानूनी अधिकार मिले और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ राज्य और देश के हित में इस बजट की कमियों को उजागर करती रहेगी और जनता की आवाज़ मजबूती से उठाती रहेगी।

