मप्र एवं छग के लाखों पेंशनरों में खुशी की लहर

बीजापुर। लंबे संघर्ष के बाद पेंशनरों को मिला न्याय। मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 ( 6) के तहत दोनों प्रांतों के बीच परस्पर सहमति की बाध्यता अंततःसमाप्त हो गई। पेंशनरों के महंगाई राहत में बाधक बने इस धारा की पीड़ा मप्र एवं छग के लाखों पेंशनर विगत 26 वर्षों से भोग रहे थे ।जैसे ही इस धारा की बाध्यता समाप्त करने का आदेश जारी हुआ पेंशनरों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मंत्री राम नारायण ताटी ने पेंशनर्स के हित में किए गए शासन के आदेश का स्वागत किया है ।
ताटी ने जनवरी 26 से लंबित दो प्रतिशत महंगाई राहत का आदेश भी एरियर सहित शीघ्र जारी करने की मांग प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शासन से की है। ताटी ने कहा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के द्वारा प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के नेतृत्व में 2018 से निरंतर मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 (6) को पेंशनरों के हित में विलोपित करने की मांग किया जा रहा है। लंबे समय से जद्दोजहद करने का सुखद परिणाम सामने आया है। मप्र के अवर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी एवं छग के वित्त सचिव रोहित यादव के संयुक्त हस्ताक्षर से 17जुलाई को वल्लभ भवन भोपाल से जारी आदेश में पेंशनरों के महंगाई राहत में बाधक धारा 49 (6 ) के तहत दोनों प्रांतों के परस्पर सहमति की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है ।
अब केंद्र सरकार जब भी पेंशनरों के महंगाई राहत में बढ़ोत्तरी करे तो राज्य सरकारें भी अपने अपने स्तर पर महंगाई राहत में वृद्धि करने के लिए स्वतंत्र होंगी। किंतु यह बढ़ोत्तरी केंद्र सरकार द्वारा किए गए बढ़ोत्तरी से अधिक नहीं होगी। ताटी ने कहा कि अब इसके साथ ही प्रशासनिक जटिलता पर विराम लग गया है। शासन के आदेश का स्वागत करने वालों में आर एन ताटी ,किशोर कुमार जाधव , अब्दुल सत्तार खान, शिव कुमार मिश्रा, रमापति दुबे, एल एस नाग , बी एस नेताम,विमल पांडे ,जितेंद्र निहाल सिंह ,रैमन दास झाड़ी,मो अय्यूब खान, रूप कुमार झाड़ी, मो कासिम, कासिमुद्दीन खान, सुरेश कुमार घाटौड़े, शंभूनाथ देहारी,सदाराम ठाकुर,मनी राम कश्यप ,धीर नाथ बघेल ,सरोज साहू ,अनिता राज, करमजीत कौर, सरिता पांडे सुषमा झा, जयमनी ठाकुर शुभ्रा कुंडू,शीला ताराम,विमला ठाकुर त्रिशिया झाड़ी,जया इशाक एवं सुकरी बघेल शामिल हैं।
