तालापारा सबसे ज्यादा प्रभावित, डायरिया का खतरा बढ़ा
बिलासपुर। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बिलासपुर नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। शहर के कई इलाकों में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के बीच अब नलों से आने वाले दूषित पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर नल का पानी नाली के पानी से भी अधिक गंदा और मटमैला दिखाई दे रहा है।
सबसे अधिक परेशानी तालापारा क्षेत्र के लोगों को झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यहां पिछले कुछ दिनों से नलों से बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे पीने और दैनिक उपयोग के लिए भी पानी अनुपयुक्त हो गया है। लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर पानी को उबालकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
शहर के अन्य इलाकों से भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि जलभराव और सीवर व्यवस्था की लापरवाही के कारण पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो डायरिया समेत अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
बारिश के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता की तत्काल जांच कर दूषित जलापूर्ति बंद की जाए, पाइपलाइन की जांच कराई जाए और स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
वार्ड वासियों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। वहीं लोगों को सलाह दी जा रही है कि फिलहाल नल के पानी को उबालकर या फिल्टर करने के बाद ही उपयोग में लाएं।
