मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के आवेदनों का त्वरित निराकरण करें

बीजापुर 30 जून 2026/ साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर विश्वदीप ने सभी विभागों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री जनदर्शन एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने पर जोर देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों का समय-सीमा में समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल शीघ्र ही पुनः प्रारंभ होने वाला है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को योजना से वंचित रह गए हितग्राहियों तथा नए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उनके आवश्यक दस्तावेजों का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर बल दिया। बैठक में विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी विकास सहित अन्य विभागों की योजनाओं एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान प्रधानमंत्री राहत योजना पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके माध्यम से अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसकी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि संबंधित व्यक्ति को समय पर इसका लाभ प्राप्त मिल सकें। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
___________________________________________
शासकीय सेवा के बदले 60 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
बीजापुर 30 जून 2026- छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सली पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के तहत नक्सली हिंसा में आम नागरिकों के हत्या के ऐसे प्रकरणों में जिसमें किसी कारणवश शासकीय सेवा प्रदान नहीं की जा सकती है, ऐेसे नक्सलवाद पीड़ित परिवारों को शासकीय सेवा के एवज में 15 लाख रूपये प्रत्येक मृतकों के परिजनों को जिसमें 4 प्रकरणों में कुल 60 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
