आप ने आबकारी विभाग पर उठाए सवाल, सभी सरकारी शराब दुकानों की उच्चस्तरीय जांच और बाहरी राज्यों से आने वाली शराब की सप्लाई चेन का खुलासा करने की मांग

जगदलपुर/बस्तर 8 अगस्त। बस्तर संभाग की सरकारी शराब दुकानों में कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री को लेकर आम आदमी पार्टी ने आबकारी विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आम आदमी पार्टी बस्तर के नेता समीर खान ने कहा कि पार्टी लंबे समय से बस्तर में चल रहे कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपती रही है। कमिश्नर के नाम भी विस्तृत ज्ञापन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समीर खान ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार सरकारी शराब दुकानों का कथित रूप से अवैध शराब कारोबार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और बाहरी राज्यों से लाई गई शराब की बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह केवल अवैध शराब कारोबार का मामला नहीं, बल्कि आबकारी विभाग और संबंधित प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर में अवैध शराब की कालाबाजारी को लेकर लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आम जनता के स्वास्थ्य, सरकारी राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने कहा।
इन मांगों को लेकर आप ने उठाई आवाज
आम आदमी पार्टी ने प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से मांग रखी है कि—
जगदलपुर सहित बस्तर संभाग की सभी सरकारी शराब दुकानों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बाहरी राज्यों से लाई जा रही कथित अवैध शराब की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाया जाए।
अवैध शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए।
पूर्व में दिए गए ज्ञापनों और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाए।
समीर खान ने कहा कि यदि पूरे मामले में जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आम आदमी पार्टी आबकारी विभाग के कार्यालय का घेराव करेगी और इसके बाद जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता के स्वास्थ्य और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

