बिलासपुर 7 सितंबर 2026। दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान और नफीस खान के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रगतिशील पत्रकार परिषद ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रहार बताया है। परिषद ने घटना की निष्पक्ष जांच और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है।
परिषद ने कहा कि दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान और नफीस खान के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया कथित गैरकानूनी एवं गैर-अधिकृत व्यवहार बेहद चिंताजनक है। संगठन ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से पत्रकारिता की निष्पक्ष और स्वतंत्र आवाज को दबाने का प्रयास दिखाई देता है। परिषद के अनुसार, पत्रकारिता पर इस प्रकार का दबाव लोकतंत्र में आपातकाल जैसी परिस्थितियों की याद दिलाता है।
प्रगतिशील पत्रकार परिषद ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय पत्रकारिता के सामने मौजूदा परिस्थितियां एक गंभीर चुनौती हैं। संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पत्रकारों को निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। संगठन ने कहा कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए तथा सत्ता अथवा किसी भी प्रभावशाली पक्ष द्वारा पत्रकारिता को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
परिषद ने छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाली ताकतों पर भी चिंता जताई। संगठन ने कहा कि पत्रकारिता के दायरे में रहकर ऐसी राष्ट्रविरोधी और मानवता-विरोधी गतिविधियों का तथ्यात्मक तरीके से खुलासा करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
बैठक में निर्मल मलिक, शशांक दुबे, अजीत सिंह, डीपी गोस्वामी, अनिल बघेल, अमजद रजा खान, संतोष साहू, नम्रता सिंह, पवन मीरि सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
