‘हमर पहुना’ में उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रवीण झा ने साझा किया संघर्ष से सफलता तक का सफर, एयरपोर्ट, उद्योग और रोजगार को बताया प्राथमिकता

बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के परंपरागत एवं प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में समाजसेवी एवं उद्योगपति प्रवीण झा ने पत्रकारों से अपने जीवन संघर्ष, उद्योग, समाजसेवा, धर्म, युवाओं और बिलासपुर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर खुलकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के विकास को लेकर अब चुप बैठने का समय नहीं है। जरूरत पड़ी तो अपने हक की लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे।

प्रवीण झा ने अपने बचपन के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि बिहार के एक छोटे गांव में आर्थिक अभाव के बीच उनका बचपन बीता। किताबों और कपड़े तक मांगकर इस्तेमाल करने पड़ते थे। दसवीं के बाद शहर आने पर पहली बार बिजली देखी। स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और बरसात में नदी-नाले पार करने पड़ते थे।
वर्ष 1993 में छत्तीसगढ़ आने के बाद उन्होंने जिंदगी की शुरुआत बेहद साधारण परिस्थितियों से की। बिलासपुर आने के समय उनके पास साइकिल तक नहीं थी। रेलवे स्टेशन से चार रुपये प्रतिदिन किराए पर साइकिल लेकर काम पर जाते थे। संघर्ष के दौर में उन्होंने मेहनत और लगन को अपना आधार बनाया और धीरे-धीरे सफलता की ओर बढ़ते गए।
प्रवीण झा ने कहा कि बिलासपुर के विकास को लेकर एयरपोर्ट की सुविधा और विस्तार को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी से उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी आएगी। उनका कहना था कि बिलासपुर में विकास हुआ है, लेकिन रायपुर की तुलना में अभी गति अपेक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोग शांतिप्रिय हैं, लेकिन कमजोर नहीं। जरूरत पड़ी तो अपने हक की लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे और अपना अधिकार लेकर रहेंगे। उन्होंने समाज से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि समाज से लिया है तो समाज को देना भी होगा।
युवाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कारों के साथ युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए अवसरों से भी जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल धार्मिक गतिविधियों और सीमित सोच तक नहीं रहना चाहिए, बल्कि जीवन के 365 दिन संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़कर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर प्रेस क्लब पदाधिकारियों एवं पत्रकारों ने प्रवीण झा का सम्मान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे और उन्होंने प्रवीण झा से विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
