टीबी स्क्रीनिंग, आयुष्मा कार्ड, टीकाकरण और निःशुल्क दवा वितरण से ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

बीजापुर 22 सितम्बर 2026/ संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गंगालूर बाजार स्थल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ गंगालूर की सरपंच महोदया ने किया। उन्होंने ग्रामीणों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
शिविर में चार प्रमुख स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ के तहत महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। इस दौरान कुल 159 लोगों की ओपीडी, 12 महिलाओं की जांच, 89 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग तथा 15 अन्य जांच की गईं। वहीं मलेरिया जांच में 4 पीएफ पॉजिटिव प्रकरण सामने आए।

आयुष्मान कार्ड स्टॉल में ग्रामीणों को आयुष्मान योजना की जानकारी दी गई तथा आयुष्मान कार्ड एवं ‘नव दर्शन’ कार्ड बनाने और वितरण का कार्य किया गया। इस दौरान कुल 8 कार्ड संबंधी कार्य किए गए।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक एवं जेनेरिक दवाओं की जानकारी दी गई तथा दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और शासन की योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक स्क्रीनिंग की गई। शिविर में 114 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग तथा 151 एक्स-रे जांच की गई। संदिग्ध मरीजों का पंजीयन कर आवश्यक जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध
शिविर में नियमित टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ ग्रामीणों को मिला। Penta-I के 7, Penta-II के 3, Penta-III के 1, MR-I के 2 और MR-II के 13 टीके लगाए गए। इसके साथ ही 4 गर्भवती महिलाओं का ANC पंजीयन एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा अन्य 6 स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में DPM, BPM एवं BMO सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों को सरपंच महोदया की गरिमामयी उपस्थिति में श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस शिविर से गंगालूर क्षेत्र के ग्रामीणों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच, उपचार, दवा वितरण, टीबी स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। साथ ही ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच और शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
