विश्व स्तनपान सप्ताह में माताओं और गर्भवती महिलाओं को दी गई स्तनपान एवं पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी

बीजापुर 11अगस्त 2026/ माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य तथा स्वस्थ बचपन की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सांस्कृतिक भवन, बीजापुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 280 माताओं एवं गर्भवती महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान जरूरी
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से बीजापुर बीएमओ डॉ चेलापति राव एवं चेरपाल के डॉ. पटेल ने माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला गाढ़ा पीला दूध यानी कोलोस्ट्रम अवश्य पिलाना चाहिए। यह शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है और उसे संक्रमण एवं विभिन्न बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए। इस अवधि में पानी, घुट्टी या अन्य किसी खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह के बाद उम्र के अनुरूप पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखना चाहिए।
मां और शिशु दोनों के लिए लाभकारी है स्तनपान
विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित स्तनपान से शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास में मदद मिलती है तथा संक्रमण का खतरा कम होता है। वहीं मां के लिए भी स्तनपान प्रसव के बाद स्वास्थ्य सुधार में सहायक होता है। माताओं को शिशु की सही स्थिति में स्तनपान कराने तथा आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।
मां का पोषण, बच्चे का बेहतर स्वास्थ्य
कार्यक्रम में माताओं के संतुलित एवं पौष्टिक आहार पर भी विशेष जोर दिया गया। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल, दूध एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई। साथ ही चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान माताओं ने स्तनपान से जुड़े सवाल पूछे और अपने अनुभव भी साझा किए। एक गर्भवती महिला ने कहा, “आज हमें पता चला कि स्तनपान सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि बच्चे के स्वस्थ भविष्य की नींव है। हम सभी बहनों को यह संदेश घर-घर तक पहुंचाना है।”
स्वस्थ शिशु और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में पहल
विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम जिले में शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण की रोकथाम करने तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विभाग का उद्देश्य है कि जिले की प्रत्येक मां तक स्तनपान और पोषण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे, ताकि हर शिशु को जीवन की शुरुआत में ही बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य का आधार मिल सके।
