“बीजापुर से सौरभ झा का ऐलान: लोकतंत्र, संविधान और बस्तर की अस्मिता की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी आप

बीजापुर। आज आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह प्रभारी सौरभ झा ने बीजापुर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी वर्ष 2028 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान, जल-जंगल-जमीन और छत्तीसगढ़ के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश को एक ईमानदार, पारदर्शी और जवाबदेह राजनीतिक विकल्प देना है।
सौरभ झा ने कहा कि आज़ाद भारत के इतिहास में वर्ष 1975 का आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़े हमलों में से एक माना जाता है। उस समय प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। देश की जनता ने लोकतंत्र की ताकत से उस दौर को समाप्त किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भी देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी नेताओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकारों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप बार-बार सामने आए हैं। आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी राजनीतिक प्रतिशोध का सामना करना पड़ा, लेकिन पार्टी न झुकी, न रुकी और न ही जनता के मुद्दों से पीछे हटी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने विपक्षी एकता और लोकतंत्र की रक्षा की भावना से व्यापक सहयोग का समर्थन किया था, लेकिन समय के साथ यह स्पष्ट हो गया कि केवल गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकता। जनता के बीच मजबूत, ईमानदार और संघर्षशील राजनीतिक विकल्प खड़ा करना ही सबसे प्रभावी रास्ता है। इसी संकल्प के साथ आम आदमी पार्टी पूरे छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान, संगठन विस्तार, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और जनसंवाद के माध्यम से लगातार जनता के बीच पहुंच रही है। प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी और सभी वरिष्ठ नेता लगातार विधानसभा स्तर पर दौरे कर रहे हैं।
बैलाडीला डिपॉजिट-4 पर सरकार से जवाब मांगा
सौरभ झा ने कहा कि बस्तर की बैलाडीला पर्वत श्रृंखला देश की महत्वपूर्ण लौह अयस्क संपदा है, लेकिन डिपॉजिट-4 में प्रस्तावित खनन को लेकर आदिवासी समाज की गंभीर आपत्तियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की प्रक्रिया स्थानीय ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति के बिना आगे बढ़ाई जा रही है। यदि ग्राम सभा की सहमति फर्जी तरीके से ली गई है तो यह पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है। आम आदमी पार्टी आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है।
बाघ तस्करी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रदेश सह प्रभारी ने कहा कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाल ही में बाघ की खाल की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों से तीन बाघों की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद होने की जानकारी सामने आई है तथा पांच बाघों के शिकार का दावा किया गया है। आरोपियों में महाराष्ट्र पुलिस का एक कांस्टेबल तथा एक होमगार्ड जवान भी शामिल बताया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि इस पूरे मामले की वर्तमान आधिकारिक स्थिति क्या है, क्या किसी संगठित गिरोह की भूमिका है और क्या वन प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही सरकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की अद्यतन गणना सार्वजनिक करे ताकि संरक्षण व्यवस्था पर जनता का विश्वास कायम रहे।
बीजापुर को नशा तस्करी का ट्रांजिट बनाने वालों पर कार्रवाई हो
सौरभ झा ने कहा कि बीजापुर की सीमाएं महाराष्ट्र और तेलंगाना से जुड़ी होने के कारण यह क्षेत्र नशा तस्करों के लिए ट्रांजिट कॉरिडोर बनता जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशीली दवाओं, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की।
*नक्सलमुक्ति के दावे के बाद आदिवासियों को न्याय मिले*
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त घोषित किया है तो नक्सली होने के आरोप में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों के मामलों की तत्काल समीक्षा कर उन्हें न्याय दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गांवों में स्थापित अर्धसैनिक बलों के अस्थायी कैंप चरणबद्ध तरीके से हटाकर उन भवनों का उपयोग स्कूल, अस्पताल और अन्य जनहितकारी संस्थानों के रूप में किया जाए।
*बोधघाट परियोजना का विरोध जारी रहेगा*
सौरभ झा ने कहा कि बोधघाट परियोजना से लगभग 56 गांव पूरी तरह डूब क्षेत्र में आएंगे तथा 200 से अधिक गांव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। बीजापुर के भैरमगढ़ क्षेत्र के अनेक गांव भी इससे प्रभावित होंगे। हजारों आदिवासी परिवारों का विस्थापन होगा, उनकी आजीविका, देवगुड़ियां, सांस्कृतिक विरासत, खेती और प्राकृतिक संसाधन प्रभावित होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति लेने के बजाय केवल कागजी प्रक्रिया पूरी की गई है।
पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम का पूर्ण पालन किए बिना किसी भी परियोजना को लागू करना संविधान की भावना के विपरीत है। आम आदमी पार्टी बोधघाट परियोजना का वर्तमान स्वरूप में पुरजोर विरोध करती है और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
अंत में सौरभ झा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित राजनीति से ऊपर उठकर छत्तीसगढ़ की जनता अब ईमानदार, जवाबदेह और जनहितकारी विकल्प चाहती है। आम आदमी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की गरिमा, आदिवासियों के अधिकार, युवाओं के भविष्य और छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी।
*_प्रदेश उपाध्यक्ष बल्लू भवानी का बयान: डीलिस्टिंग का आम आदमी पार्टी ने किया विरोध_*
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष बल्लू भवानी ने अनुसूचित जनजातियों की प्रस्तावित डीलिस्टिंग के मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आदिवासी समाज मूलतः प्रकृति पूजक है। समय के साथ अनेक आदिवासी समुदायों ने ईसाई धर्म अपनाया है, जबकि अनेक परिवार हिंदू पूजा-पद्धति का भी पालन करते हैं। धार्मिक आस्था के आधार पर किसी आदिवासी की जनजातीय पहचान समाप्त नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि यदि धर्म परिवर्तन को आधार बनाकर डीलिस्टिंग की जाती है तो यह समानता और संविधान की भावना के विपरीत होगा। आम आदमी पार्टी का मानना है कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि उसकी सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
बल्लू भवानी ने आरोप लगाया कि भाजपा डीलिस्टिंग के माध्यम से आदिवासी समुदाय की संवैधानिक संख्या को कम करना चाहती है। यदि अनुसूचित जनजातियों की संख्या घटाई जाती है तो इसका सीधा प्रभाव पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों, आदिवासी अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण तथा पेसा कानून और वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर पड़ेगा। आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए डीलिस्टिंग का पुरजोर विरोध करती है और इस मुद्दे पर आदिवासी समाज के साथ एकजुटता से मजबूती से खड़ी रहेगी।
*_प्रदेश संगठन मंत्री समीर खान का बयान: बीजापुर से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ तक भ्रष्टाचार चरम पर_*
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन मंत्री समीर खान ने कहा कि आज बीजापुर ही नहीं बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजापुर नगर पालिका में बिना विधिवत टेंडर प्रक्रिया अपनाए दुकानदारों से टैक्स की वसूली की जा रही है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह उपेक्षित कर दिया है। बीजापुर सहित पूरे बस्तर अंचल में अनेक सरकारी स्कूल भवनों की कमी से जूझ रहे हैं, कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
समीर खान ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक है। कहीं भवनों की छत से पानी टपक रहा है, कहीं आवश्यक लैब जांच की सुविधा नहीं है, तो कहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। अधिकांश सरकारी अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, जिसके कारण बीजापुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर इलाज के लिए जगदलपुर, रायपुर या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। आम आदमी पार्टी स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की मांग करती है।
प्रदेश उपाध्यक्ष बल्लू भवानी, जिला अध्यक्ष अनिल दुर्गम ,प्रदेश संगठन मंत्री समीर खान बस्तर लोकसभा उपाध्यक्ष रोहित यालम ,सहदेव मुरला लोकसभा उपाध्यक्ष, कृष्णा बड़े ,सदाशिव यालम और भी कई कार्यकर्त्ता मौजूद थे.

