शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत, बच्चों के साथ बैठकर किया मध्यान्ह भोजन

बीजापुर, 16 जून2026/ नवीन शिक्षा सत्र के प्रथम दिवस जिले में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कोतापाल पहुंचकर मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना की तथा नवप्रवेशी बच्चों का फूलमाला, तिलक एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने विद्यार्थियों को गणवेश एवं पाठ्य-पुस्तकों का वितरण करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि “शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम है। शिक्षित बच्चे ही भविष्य में परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव बनते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने ग्राम कोतापाल स्थित शाला भवन का निरीक्षण कर विद्यालय के समुचित रख-रखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यालय परिसर को आकर्षक एवं बच्चों के अनुकूल बनाने के लिए व्यवस्थित पौधरोपण, स्वच्छता तथा रंग-रोगन कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर विश्वदीप ने नवप्रवेशी बच्चों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई में रुचि, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान बच्चों के विशेष आग्रह पर कलेक्टर विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे एवं जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए बच्चों के साथ आत्मीय संवाद भी किया।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय, एपीसी जाकिर खान, बीईओ नागेश निषाद, एबीईओ दीपक कोण्ड्रा, संस्था की प्रधान अध्यापक सुश्री आभा राय सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
