बीजापुर में हड़ताल के दसवें दिन फेडरेशन ने शासन-प्रशासन को दी चेतावनी, मांगें नहीं मानीं तो पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन

बीजापुर। 25 साल तक एक ही पद पर सेवा देने के बाद भी पदोन्नति नहीं, वेतन विसंगति का समाधान नहीं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने पर स्थानांतरण, कारण बताओ नोटिस व निलंबन की कार्रवाई! बीजापुर जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों की इन समस्याओं को लेकर अब कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन खुलकर सामने आ गया है। फेडरेशन ने शासन-प्रशासन से दो टूक कहा है कि पटवारियों की मांगों को नजरअंदाज करना और उन्हें परेशान करना बंद किया जाए, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए तैयार रहें।
हड़ताल के दसवें दिन कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाकिर खान और जिला सचिव कैलाश रामटेके हड़ताली पटवारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने पटवारी संघ के प्रतिनिधियों, महिला पटवारियों सहित अन्य कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
पटवारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में भी वे शासन-प्रशासन द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से निभाते हैं। भारी बारिश के बीच काम करने के दौरान उन्हें सर्पदंश और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी उठाना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों पर सुनवाई नहीं होना कर्मचारियों में नाराजगी का कारण बन रहा है।
पदोन्नति और वेतन विसंगति पर अब तक समाधान नहीं
पटवारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति का निराकरण और पीवी एप में आवश्यक सुधार शामिल हैं। पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
हड़ताल के बीच कार्रवाई से बढ़ी नाराजगी
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारियों के स्थानांतरण, कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई का मुद्दा भी फेडरेशन के सामने उठाया गया। फेडरेशन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि ऐसी कार्रवाई से उनकी परेशानियां बढ़ाई जाएं।
फेडरेशन की चेतावनी—मांगें अनसुनी हुईं तो प्रदेशभर में प्रदर्शन
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पटवारियों की मांगों की अनदेखी जारी रही और उन्हें परेशान करने की कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो फेडरेशन पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करेगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाकिर खान और जिला सचिव कैलाश रामटेके ने शासन-प्रशासन से पटवारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है, ताकि लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त हो सके।
