
बीजापुर 11 मार्च 2026- तेन्दूपत्ता सीजन 2026 के लिए जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित बीजापुर को 119500 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बेहतर गुणवत्ता एवं अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण से पूर्व समय पर शाखकर्तन कार्य को विशेष महत्व दिया गया है।

विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों द्वारा शाखकर्तन कार्य 05 मार्च 2026 से 15 मार्च 2026 की अवधि में किया जा रहा है। इस कार्य के सुचारू संचालन के लिए वन विभाग के अधिकारियों एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका और निगरानी आवश्यक मानी गई है।
तेन्दूपत्ता संग्रहण प्रारंभ होने की संभावित तिथि से लगभग 45 से 50 दिन पूर्व शाखकर्तन कराया जाना लाभकारी होता है। इसलिए यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि शाखकर्तन कार्य न तो समय से पहले और न ही देर से किया जाए अन्यथा अपेक्षित लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा।
संग्रहण वर्ष 2026 के लिए समितिवार एवं फड़वार तेन्दूपत्ता शाखकर्तन तथा संग्रहण की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। जिन क्षेत्रों में शाखकर्तन किया जाना है, उनका मानचित्र भी पूर्व में तैयार किया गया है, ताकि कार्य पूर्ण होने के बाद उसका भौतिक सत्यापन किया जा सके।
फड़मुशी एवं फड़ अभिरक्षकों को ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें यह समझाने के निर्देश दिए गए हैं कि महुआ या अन्य वनोपज संग्रहण के लिए जंगलों में आग न लगाएं। वनों में आग लगाने से वन्यजीवों और वनस्पतियों को दीर्घकालीन क्षति पहुंचती है तथा पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शाखकर्तन से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक घनत्व वाली तेन्दूपत्ता झाड़ियों को जमीन की सतह से लगभग 1 से 2 इंच नीचे तेज धार वाले औजार से काटने की सलाह दी गई है। तनों की कटाई के लिए छोटी कुल्हाड़ी तथा जड़ों के लिए फावड़े का उपयोग लाभकारी माना गया है। शाखकर्तन के बाद अनावश्यक अवशेषों को लगभग एक मीटर दूर फेंकने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आग लगने की संभावना न रहे। तेन्दूपत्ता शाखकर्तन कार्य को इस वर्ष एक विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिससे सही समय पर सही तकनीक के साथ चयनित क्षेत्रों में शाखकर्तन हो सके और आने वाले वर्षों में संग्राहकों को तेन्दूपत्ता संग्रहण से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

