बिलासपुर /दपूमरे नागपुर मंडल – 06 अगस्त 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्थित कोचिंग डिपो ने यात्रियों को मानसून के दौरान अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं रिसाव-मुक्त यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डिपो ने रेलवे यात्री कोचों की छतों एवं खिड़कियों से होने वाले वर्षा जल के रिसाव की सटीक जांच के लिए अत्याधुनिक “रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट” (Rainwater Leakage Testing Gadget) का सफलतापूर्वक डिजाइन एवं विकास किया है।

यह नवाचार कोचिंग डिपो के यांत्रिक अनुरक्षण विभाग के सुपरवाइजर एवं कर्मचारियों की समर्पित टीम द्वारा पूरी तरह विभागीय संसाधनों से (इन-हाउस) विकसित किया गया है। यह गैजेट कोचों में पानी के रिसाव की प्रभावी एवं वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करता है, जिससे मानसून के दौरान यात्रियों को सूखी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
अब तक कोचों में पानी के रिसाव की जांच मुख्यतः मैनुअल वाटर होज़ (पाइप) परीक्षण अथवा प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर रहती थी। यह प्रक्रिया समय लेने वाली होने के साथ-साथ कई बार अपेक्षित सटीकता भी प्रदान नहीं कर पाती थी।
नव विकसित रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट नियंत्रित एवं उच्च दाब के साथ कृत्रिम वर्षा जैसा वातावरण तैयार करता है। इसके माध्यम से कोच की बाहरी सतह पर वास्तविक बारिश के अनुरूप पानी का प्रवाह कराया जाता है, जिससे छत, खिड़कियों अथवा अन्य किसी भी हिस्से से होने वाले सूक्ष्म से सूक्ष्म रिसाव का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है। यह यांत्रिक परीक्षण प्रणाली रखरखाव कर्मचारियों को ट्रेन के सेवा में लगाए जाने से पहले ही रिसाव की पहचान कर उसे तत्काल ठीक करने में सक्षम बनाती है। परिणामस्वरूप मानसून के दौरान यात्रियों को पूरी तरह रिसाव-मुक्त कोच उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा।
यात्री सुविधा में वृद्धि: 100 प्रतिशत रिसाव-मुक्त कोच सुनिश्चित कर यात्रियों एवं उनके सामान को वर्षा के पानी से सुरक्षित रखता है। रखरखाव में अधिक दक्षता: नियमित पिट-लाइन अनुरक्षण के दौरान लीकेज परीक्षण में लगने वाले समय को उल्लेखनीय रूप से कम करता है।
किफायती नवाचार: डिपो में उपलब्ध स्थानीय एवं पुनर्चक्रित (रिसाइकल) सामग्री से विकसित होने के कारण लागत में बचत के साथ रेलवे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता को प्रदर्शित करता है। प्रिवेंटिव मेंटेनेंस: कोचों की आंतरिक विद्युत फिटिंग, सीटों एवं अन्य आंतरिक साज-सज्जा को पानी से होने वाले नुकसान से बचाकर रेलवे परिसंपत्तियों की आयु बढ़ाने में सहायक है। गौरतलब है कि गोंदिया स्थित कोचिंग डिपो, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अंतर्गत एलएचबी (LHB) एवं आईसीएफ (ICF) यात्री कोचों का प्राथमिक अनुरक्षण करता है। डिपो यह सुनिश्चित करता है कि गोंदिया से प्रारंभ होने वाली सभी ट्रेनें सुरक्षा, स्वच्छता, यात्री सुविधा तथा यांत्रिक विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों के अनुरूप संचालित हों।
‘रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट’ का विकास भारतीय रेल में नवाचार, आत्मनिर्भरता और यात्री-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है, जो मानसून के दौरान यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी-मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
