
बीजापुर।जिले में आयोजित कृषि विज्ञान केंद्र के एक दिवसीय मेले में स्थानीय उत्पादों की शानदार प्रदर्शनी देखने को मिली, लेकिन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा इंद्रावती किसान उत्पादक कंपनी प्रा. लिमिटेड (इंद्रावती एफपीओ) का सुसज्जित और जागरूकता से भरपूर स्टॉल।
मेले में कोदो, शहद, सुगंधित चावल, उड़द, जीवामृत सहित अनेक कृषि एवं महुआ के लड्डू ,अचार,और टोरा तेल निकालकर बेचते हैं वनोपज उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इंद्रावती एफपीओ ने न केवल अपने उत्पादों की गुणवत्ता से लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी किया।
केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी मेले के माध्यम से दी गई। धान, कोसरा, कपास, बांस, शहद और कोदो जैसे उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों तथा योजनाओं का लाभ कैसे लिया जाए, इस पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इंद्रावती एफपीओ की सीईओ ने बताया कि वर्ष 2022 से संस्था जिले में सक्रिय रूप से किसानों के हित में कार्य कर रही है। पहले स्थानीय किसान अपने उत्पाद बिचौलियों और बाहरी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर थे, जिससे उन्हें उचित लाभ नहीं मिल पाता था। खासकर चिरौंजी जैसी वनोपज का वास्तविक बाजार मूल्य किसानों तक नहीं पहुंच पाता था, जबकि आज इसकी बाजार में ऊंची कीमत है।
इंद्रावती एफपीओ ने इस स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया है। संस्था वर्तमान में जिले के 750 किसानों को अपने साथ जोड़ चुकी है और उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए संगठित विपणन, जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बना रही है।
इंद्रावती एफपीओ का प्रयास न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय कृषि और वनोपज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी एक सशक्त कदम साबित हो रहा है। किसानों की मेहनत को सम्मान और उचित मूल्य दिलाने का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है।
