पंचायत की आड़ में भाजपा नेता करा रहे है रेत का अवैध उत्खनन

भ्रष्टाचार के इस खेल में खनिज विभाग के अधिकारी औऱ ग्राम पंचायत सरपंचसचिव की अहम भूमिका  

बीजापुर। जिले में विकास की बातें भले ही कागजों में दिखाई देती हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पंचायत के नाम पर रेत घाटों से खुलेआम अवैध खनन का खेल जारी है और आरोप है कि इस पूरे खेल में भाजपा से जुड़े नेता, ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी मिलकर सरकारी नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं।

इसका खुलासा भाजपा के पूर्व नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह ठाकुर ने किया है। उन्होंने ग्राम पंचायत मिंगाचल के सचिव शैलेंद्र देवांगन के साथ हुई बातचीत का एक ऑडियो जारी कर पूरे सिस्टम की भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में सचिव कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहा हैं कि “चिन्ना” और “गुज्जा” भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के कहने पर “पुच्चू” नाम के व्यक्ति को पंचायत के माध्यम से रेत घाट से खनन का ठेका दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक मिंगाचल ग्राम पंचायत को खसरा क्रमांक 36 स्थित करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र के रेत घाट का संचालन 12 मार्च 2024 से 11 मार्च 2029 तक के लिए आबंटित किया गया है। नियमों के अनुसार पंचायत प्रस्ताव और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद ही रेत खनन की प्रक्रिया संचालित होती है। लेकिन सामने आए ऑडियो में सचिव यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि अवैध उत्खनन करने वाले व्यक्ति ने सीधे खनिज विभाग को 9 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है।

यहीं से पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। सवाल यह उठता है कि यदि रॉयल्टी की राशि जमा की गई है तो वह पंचायत के प्रस्ताव और अधिकृत प्रक्रिया के तहत ही क्यों नहीं हुई? सीधे भुगतान की बात सामने आना इस ओर इशारा करता है कि नियमों को दरकिनार कर सांठगांठ के जरिए अवैध खनन को संरक्षण दिया जा रहा है। पंचायत के नाम का इस्तेमाल कर निजी व्यक्तियों को रेत घाट सौंप दिया गया है और लाखों रुपये का खेल किया जा रहा है। इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि दोनों की सहमति के बिना इस तरह का संचालन संभव ही नहीं हो सकता। वहीं खनिज विभाग की चुप्पी भी सवालों के घेरे में सबसे बड़ा सवाल खनिज विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहा है। यदि अवैध उत्खनन की जानकारी विभाग को थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और यदि विभाग को जानकारी नहीं थी तो फिर 9 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर और किस खाते में जमा किया गया?

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कानून क्या कहता है

रेत के अवैध खनन को लेकर खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 और छत्तीसगढ़ के गौण खनिज नियमों के तहत सख्त प्रावधान हैं। अवैध उत्खनन पाए जाने पर कई गुना जुर्माना, वाहन जब्ती और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है। अब बड़ा सवाल – कार्रवाई होगी या फिर फाइल दबेगी? अजय सिंह ठाकुर द्वारा जारी ऑडियो ने जिले के प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत, राजनीतिक संरक्षण और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से चल रहे इस रेत खेल मे लम्बे समय से चल रही है 

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कौन है ग़ुज्जा 

असल में ग़ुज्जा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष है जिनका पूरा नाम गुज्जा वेंकट राव है, ज्ञात हो की बीते दिनों एक महिला के साथ सोशल मीडिया में इनकी अश्लील बाते करने वाली ऑडियो जमकर वायरल हुई थी,लेकिन इस मामले को दबा दिया गया, अब रेत घाट के अवैध उत्खनन में इनका नाम फिर सार्वजनिक रूप से निकल कर आया है राजनीति की सफेद पोशाक ओढ़े यह महाशय अपने काले कारनामें को धल्ले से अंजाम दें रहे हैँ 

gondwananews.com

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