विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सिम्स में सीएमई आयोजित

टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस’ थीम पर वैज्ञानिक सोच और जनस्वास्थ्य पर जोर

बिलासपुर। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 7 अप्रैल को सिम्स के पी.एस.एम. (कम्युनिटी मेडिसिन) विभाग द्वारा “टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस” विषय पर एक प्रभावी सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रमाण आधारित चिकित्सा तथा जनजागरूकता के महत्व पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रमणेश मूर्ति, विशिष्ट अतिथि डॉ. लखन सिंह, विभागाध्यक्ष कम्युनिटी मेडिसिन डॉ. हेमलता ठाकुर, निश्चेतना विभागाध्यक्षडॉ. मधुमिता मूर्ति एवं अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

डब्ल्यूएचओ की इस वर्ष की थीम “Together for Health: Stand with Science” पर स्नातकोत्तर छात्र डॉ. जी. मनीष राव तथा स्नातक छात्राएं आकृति गुप्ता एवं हेमा नायक ने सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा में विज्ञान आधारित निर्णय, अनुसंधान और जनभागीदारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूएचओ क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि

“बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वैज्ञानिक सोच, शोध और प्रमाण आधारित उपचार पद्धति को अपनाना समय की आवश्यकता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह संदेश देता है कि समाज और विज्ञान साथ मिलकर ही स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।”

चिकित्सा अधीक्षक 

डॉ. लखन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि

“सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए चिकित्सकों, विद्यार्थियों और आमजन के बीच वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सीएमई कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा और सेवा गुणवत्ता को नई दिशा देते हैं।”

विभागाध्यक्ष

कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर ने कहा कि

“डब्ल्यूएचओ की थीम के अनुरूप समाज को स्वास्थ्य संबंधी मिथकों से बाहर निकालकर विज्ञान आधारित जानकारी देना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है।”

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ जे. पी स्वाइन डॉ शिक्षा जांगड़े डॉ केशव कश्यप डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. समीर, डॉ. श्रुति, डॉ. सुचिता, डॉ. सचिन, डॉ. प्रवीण, डॉ. डेविन, डॉ. आशीष, डॉ. सुमित सहित अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

gondwananews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश

Thu Apr 16 , 2026
बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बीजापुर 16 अप्रैल 2026/प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री […]

You May Like