शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस

मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने प्रतिबंधित उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल सेलिब्रिटी एंडोर्सर्स तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विज्ञापन से जुड़े हर हितधारक की भूमिका की जांच की जाएगी।
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में शामिल होने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के एक दिन बाद मुंढे ने कहा कि विज्ञापन बनाने, प्रकाशित करने और प्रायोजित करने वाली पूरी चेन की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
विज्ञापन से जुड़े हर व्यक्ति की होगी जांच
मुंढे के मुताबिक, विज्ञापन से जुड़े सभी लोगों को ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवर्टाइजमेंट्स एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018’ के प्रावधानों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत विज्ञापन चेन में शामिल हर व्यक्ति जिम्मेदार हो सकता है और उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस
11 अगस्त को FDA के ग्रेटर मुंबई डिवीजन ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में शामिल होने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। FDA अधिकारियों के अनुसार, विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार से जुड़ा हो सकता है।
विभाग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि विज्ञापन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और संबंधित नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करता हुआ प्रतीत होता है।
विज्ञापन हटाने और दस्तावेज देने के निर्देश
FDA ने तीनों अभिनेताओं को विज्ञापन में भाग लेना या उसका प्रचार करना तत्काल बंद करने तथा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट और उनके नियंत्रण वाले अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा FDA ने एंडोर्समेंट एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ, भुगतान संबंधी जानकारी, विज्ञापन एजेंसी और ब्रांड मालिक से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। अभिनेताओं से यह जानकारी भी मांगी गई है कि विज्ञापन किन टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रसारित या प्रकाशित किया गया। तीनों को अपना जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अनुरोध करने का विकल्प भी दिया गया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के सख्त रुख के बाद अब इस मामले में कंपनियों, विज्ञापन एजेंसियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य संबंधित पक्षों की भूमिका पर भी नजर रहने की संभावना है।

