महामाया नगरी में कोल डिपो पर चलेगा बुलडोजर ? 25 किमी नियम दोहराया, तोखन साहू ने दिए जांच के संकेत.. कहा…25 किलोमीटर नियम का होगा पालन रतनपुर में कोल डिपो पर संकट, केंद्रीय मंत्री बोले – नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर। माता महामाया मंदिर परिसर और उसके आसपास संचालित कोल डिपो को लेकर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि महामाया मंदिर के आसपास मौजूद सभी कोल डिपो हटाए जाएंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि शासन के निर्देशों के अनुसार मुख्य कोयला खदान से 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी कोल डिपो का संचालन नियमों के तहत प्रतिबंधित है।

विकसित भारत-राम जी’ कार्यक्रम के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री साहू ने कहा कि महामाया नगरी रतनपुर में भव्य महामाया कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले इस क्षेत्र में कोल डिपो का संचालन नियमों और अनुशासन दोनों के खिलाफ है।

पत्रकारों ने मंत्री का ध्यान इस ओर दिलाया कि राज्य शासन पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है कि 25 किमी दायरे में कोल डिपो न तो खोले जा सकते हैं और न ही पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा सकता है। रायगढ़ में इस नियम का पालन करते हुए कार्रवाई हुई, लेकिन बिलासपुर में प्रक्रिया शुरू होकर बीच में ही रोक दी गई। इतना ही नहीं, जिन कोल डिपो के लाइसेंस समाप्त होने वाले थे, उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है

मंत्री साहू ने यह भी कहा कि भारत सरकार द्वारा बेलमुंडी क्षेत्र को रामसर साइट घोषित किया गया है, जिसके चलते यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित आर्द्रभूमि के अंतर्गत आता है। रामसर साइट घोषित होने के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार को भारत सरकार से स्पष्ट निर्देश प्राप्त हुए हैं कि रामसर क्षेत्र के आसपास संचालित सभी कोल डिपो और कोल गतिविधियों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द ठोस कार्रवाई की जाएगी। तोखन साहू ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण को लेकर रक्षा मंत्रालय से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली गई है और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि चिड़ियों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और महामाया कॉरिडोर के सफल क्रियान्वयन के लिए कोल डिपो का हटाया जाना बेहद जरूरी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बिलासपुर में वर्षों से संचालित कोल डिपो पर वास्तव में कार्रवाई होगी या फिर नियम केवल कागज़ों तक सीमित रह जाएंगे? इस पर अब सभी की निगाहें शासन और खनिज विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

gondwananews.com

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