आप नेता समीर खान ने उठाए सवाल, सीसीटीवी फुटेज से लेकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच की मांग

जगदलपुर। दीपा सागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने जगदलपुर में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर काम करने के उद्देश्य से घर से निकली बच्ची के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई? घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों का जवाब अब पीड़ित परिवार के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी पुलिस प्रशासन से मांग रही है।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन मंत्री एवं बस्तर जोन प्रभारी समीर खान ने इस मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दीपा सागर काम करने के लिए जगदलपुर स्थित बाफना लाइफस्टाइल स्टोर गई थी। यह प्रतिष्ठान पूर्व विधायक संतोष बाफना से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके बाद बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे हैंगिंग का मामला बता रही है, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है।
समीर खान ने कहा कि किसी भी संदिग्ध मौत को केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर सामान्य घटना मानकर छोड़ना उचित नहीं है। घटना के दिन स्टोर में क्या हुआ, बच्ची किन परिस्थितियों में थी और वहां मौजूद कर्मचारियों को क्या जानकारी है, इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं है, लेकिन राजनीतिक रसूख या प्रभाव के चलते किसी को जांच के दायरे से बाहर रखना भी स्वीकार्य नहीं होगा।
आप नेता ने पुलिस प्रशासन से बाफना लाइफस्टाइल स्टोर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित कर उनकी जांच कराने, घटना से पहले और बाद के फुटेज खंगालने तथा स्टोर के कर्मचारियों और प्रबंधन से पूछताछ करने की मांग की है। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्षों को भी गंभीरता से परखने की बात कही है।
उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और जांच के दौरान किसी भी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं पड़ने देने की मांग की। समीर खान का कहना है कि एक परिवार ने अपनी बेटी खोई है, ऐसे में उसे न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
समीर खान ने कहा कि दीपा सागर की मौत महज एक परिवार की निजी पीड़ा नहीं, बल्कि कार्यस्थलों पर बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा तथा प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है। सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने दोहराया कि न्याय राजनीतिक हैसियत देखकर नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से जल्द निष्पक्ष जांच पूरी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
